राष्ट्रनिर्माण की रचनात्मक दस्तावेज़ डॉ. प्रवीण कुमार सहायक आचार्य, हिन्दी विभाग इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक , मध्य प्रदेश-४८४८८७ ईमेल- pravinkmr05@gmail.com मोबाइल -9752916192 आज से ५-६ दशक पूर्व हिंदी साहित्य के इतिहास में आत्मकथा विधा ने साहित्य के प्रतिमान को पुनः परिभाषित करने पर साहित्य के विद्वानों को मजबूर किया. तब से लेकर अब तक आत्मकथा का इतिहास देखें तो ऐसी कई आत्मकथाएँ हैं जिन्होंने न केवल साहित्य बल्कि समाज की व्यवस्थाओं में हस्तक्षेप किया है और व्यक्ति, समाज सहित राष्ट्र की समस्याओं को समझने में मदद किया है. ऐसी ही एक आत्मकथा है प्रो. टी वी कट्टीमनी की. जोकि 'जंगली कुलपति की कथा' शीर्षक से सर्वप्रथम कन्नड़ भाषा में प्रकाशित हुई तत्पश्चात अंग्रेजी, तमिल, तेलुगु, मराठी, उड़िया, पंजाबी. असमिया, बंगाली आदि भाषाओं में अनुवाद सहित हिंदी भाषा में शिल्पायन प्रकाशन, दिल्ली से प्रकाशित हुई है. यहआत्मकथा धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा को समर्पित है. आत्मकथा की बुनावट–बनावट में बिरसा मुंडा के सामाजिक परिवर्तन की अनुगूँज सुनाई पड़ती है. यह ...
जहाँ जहाँ कर्त्तव्य बोध है वहां वहाँ समाज है. संस्कृति एक व्यवस्था है और समाज उसकी परिणति की अवस्था है. समाज और संस्कृति का एकीकरण ही चरित है. समाज उस समूह को कहते है जहां पलायन नहीं कर्त्तव्य का परायण होता है. संस्कृति अनुशासन की अवस्था है.
किसी भी समाज में हिजड़ा शब्द लोक वृत्त में सर्वस्वीकृत मानव नहीं है . यह विडम्बना ही है . उनका जन्म प्रक्रिया एक समान है परन्तु मानव के रूप में स्वीकृति नहीं . क्या इसमें उस व्यक्ति का दोष है या समाज की दृष्टिदोष है यह ? इसी पर कुछ विचार कुछ चिंतन का प्रयास . सर्वप्रथम हिजड़ा शब्द की उत्पत्ति ‘ हिजड़ा ’ शब्द मूल उर्दू भाषा का शब्द है। यह अरेबिक शब्द ‘ हिजर ’ से आया हुआ है , जिसका अर्थ होता है- ‘ अपना समुदाय छोड़ा हुआ ’ अर्थात स्त्री-पुरुषों के समुदाय से अलग समुदाय का वह व्यक्ति जो न स्त्री है और न पुरुष। भिन्न-भिन्न भाषाओं में इनके लिए भिन्न-भिन्न शब्द प्रयोग में लाए जाते हैं। मराठी में ‘ छक्का ’ तो गुजराती में उन्हें ‘ पावैया ’ से संबोधित किया जाता है। पंजाबी में ‘ खुस्रा ’ व ‘ जनखा ’ , तेलगू में ‘ नपुंसकुडु ’, ‘ कोज्जा ’ , ‘ मादा ’ और तमिल में ‘ शिरूरनान ’ , ‘ अली ’ , ‘ अरवन्नी ’, ‘ अरावनी ’, ‘ अरुवनी ’ आदि शब्द प्रयोग किए जाते हैं। अंग्रेजी में इसके लिए ‘ ट्रांसजेंडर्स ’ शब्द का प्रयोग किया जाता है , जिसका अर्थ ‘ लिंगभाव से परे ’ होता है। LGBTIQ...
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