हिन्दी कहानी का सौन्दर्य : चिंतन और विश्लेषण डॉ . प्रवीण कुमार हिंदी विभाग , इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय , अमरकंटक मध्यप्रदेश-484887 मो- 09424895615/9752916192 ई-मेलः pravinkmr05@gmail.com सारांशः प्रस्तुत शोधपत्र हिन्दी कहानी के बदलते सौन्दर्य को रेखांकित करता है। कहानी की संवेदना अपनी आरंभिक काल से जनचेतना को कैसे प्रभावित करती रही है और उसका विकास मौखिक से लिखित होने की प्रक्रिया में कैसे हुआ। इसकी रूपरेखा इस शोधपत्र में दिया गया है। प्रेमचंदपूर्व , प्रेमचंदयुगीन और प्रेमचंदोत्तर हिन्दी कहानी की न केवल संवेदना बदली है बल्कि उसका सौन्दर्यबोध भी बदलता गया है। प्रस्तुत शोधपत्र में इसकी खोज का एक प्रयास किया गया है। की वर्डः सौन्दर्य , सौन्दर्यबोध , जीवनमूल्य , अनुभूति , संवेदना , प्रेम , आदर्शवाद , यथार्थवाद , मानवतावाद। विषय विस...